
सूर्पनखा और खर-दूषण खर दूषण के पास पहुंची सूर्पनखा। नाक और कानों से खून का फवारा निकल रहा है। खून से लत पत सूर्पनखा का स्वरूप है। खर दूषण और त्रिसिरा देखते ही...

सूर्पनखा और खर-दूषण खर दूषण के पास पहुंची सूर्पनखा। नाक और कानों से खून का फवारा निकल रहा है। खून से लत पत सूर्पनखा का स्वरूप है। खर दूषण और त्रिसिरा देखते ही...

श्री राम का पंचवटी में प्रवेश सूर्पनखा प्रसंग में प्रभु श्री राम ने नासिक के लिए चित्रकूट से प्रस्थान किया। मार्ग में अत्री जी मिले, सरभंग जी मिले, सुतीक्ष्ण जी मिले। सुतीक्ष्ण जी...

इंद्र के पुत्र जयंत ने लिया श्रीराम से बैर एक बार इंद्र के पुत्र ने श्रीराम से बैर ले लिया। चित्रकूट में एक अद्भुत घटना घटी राम जी के मन में भाव आया।...

भरत जी का अयोध्या से प्रस्थान भरत जी ने कहा प्रातः काल होते ही मैं भैया से मिलने जाऊंगा। पूरी अयोध्या साथ में जाने को तैयार हो गई। कैकई नंदन ने सेवकों को...

श्री राम का चित्रकूट में प्रवेश चित्रकूट में रहने के लिए प्रभु श्री राम ने वाल्मीकि जी से आज्ञा ली। प्रभु श्री राम के निवास के निर्माण हेतु सारा देव समाज विश्वकर्मा जी...

वनवास मार्ग में निषाद राज जी से भेंट वनवास मार्ग में प्रथम रात्रि प्रभु ने तमसा नदी के किनारे बिताई है। भगवान ने अपने योग माया से सभी को गहरी निद्रा में सुलाकर...

श्री राम को वनवास मिलने के कारण वनवास जाने के लिए भगवान राम ने देवताओं को प्रेरित किया, और कहा अयोध्या से बाहर निकालूं ऐसा कुछ करिए। देवताओं ने सरस्वती जी को भेजा।...

विवाह हेतु धनुष यज्ञ रचना विवाह हेतु जो धनुष यज्ञ हो रहा है उसमें श्री राम जी और लक्ष्मण जी के साथ विश्वामित्र जी प्रवेश करते हैं। प्रभु जब यज्ञशाला में पहुंचे, तो...

मिथिला नगर भ्रमण मिथिला में धनुष यज्ञ देखने के लिए विश्वामित्र जी ने राम जी और लक्ष्मण जी के साथ मिथिला में प्रवेश किया है। विश्वामित्र जी ने एक आम का वृक्ष देखकर...

रामजी और विश्वामित्र जी मिलन राम जी और विश्वामित्र जी की कथा बाबा माता को सुनते हैं, और कहते हैं। महाराज गांधी के पुत्र विश्वामित्र जी है। विश्वामित्र जी मन में चिंतित हैं,...

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